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भारत के मंदिर
भारत के पवित्र मंदिरों की खोज करें
भारत के महान मंदिरों का एक जीवंत मानचित्र — उनका इतिहास, महत्व और कथाएँ, एक ही स्थान पर।
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भारत के महान मंदिरों का एक जीवंत मानचित्र — उनका इतिहास, महत्व और कथाएँ, एक ही स्थान पर।
ज्योतिर्लिंग
12 मंदिर
प्रकाश के बारह स्वयं-प्रकाशित लिंग, जहाँ शिव अनंत रूप में पूजे जाते हैं।
शक्तिपीठ
11 मंदिर
वे आसन जहाँ सती का शरीर पृथ्वी पर आया — प्रामाणिक गणनाओं के पीठ, जो अठारह भी कहे गए हैं, इक्यावन भी, और उससे भी आगे।
चार धाम
4 मंदिर
चार दिव्य धाम, जिनके दर्शन से हिन्दू की सांसारिक तीर्थयात्रा पूर्ण होती है।
अष्टविनायक
8 मंदिर
महाराष्ट्र की पहाड़ियों के बीच भगवान गणेश के आठ स्वयं-प्रकट धाम।
जन्मभूमि
2 मंदिर
वे पवित्र जन्मभूमियाँ जहाँ विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया — अयोध्या में रामलला और मथुरा में बाल कृष्ण।
विष्णु धाम
21 मंदिर
समस्त भारत में फैले विष्णु के धाम, जिनका मुकुट हैं बारह आलवार संतों के गाए 108 दिव्य देशम।
मुरुगन
7 मंदिर
आरुपडै वीडु — मुरुगन के छह पडैवीडु, तमिल पहाड़ियों के वीर देव के छह धाम।
शिव महादेव
7 मंदिर
देवों के देव महादेव — समस्त देवों के स्वामी, जिनके भक्त भारत की प्रत्येक दिशा में हैं और जिनके महान धाम बारह ज्योतिर्लिंगों से भी आगे तक फैले हैं।
देवी
15 मंदिर
आदि शक्ति, सबकी जननी — महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती, एक ही माँ के तीन रूप — भारत की प्रत्येक दिशा में पूजित।
हनुमान
6 मंदिर
रामभक्त — महावीर, बजरंगबली, संकट मोचन — जिनका समूचा बल श्रीराम के चरणों में अर्पित है, और जिनके धाम शेखावाटी की रेत से हिमालय के शिखर तक फैले हैं।
देवता
5 मंदिर
ज्योतिर्मय देवगण, जिनमें प्रत्येक अपने धाम का स्वयं अधीश्वर है — अठारह सोपानों के अय्यप्पा, पुष्कर के ब्रह्मा, खुले आकाश के नीचे विराजे शनि, और प्रत्यक्ष देव सूर्य।
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मानचित्र पर सभी देखें →सोमनाथ
प्रभास पाटन, वेरावल, गुजरात
बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, अरब सागर के तट पर विराजमान — आक्रांताओं के अदम्य और अनगिनत प्रयत्नों के बाद भी कभी न मिटने वाला, आस्था का अटूट प्रतीक।

काशी विश्वनाथ
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी में गंगा के तट पर स्वर्ण-शिखर वाले काशी के स्वामी — समस्त शिव-मंदिरों में सर्वाधिक पूजनीय में से एक।
केदारनाथ
केदारनाथ, उत्तराखंड
शिव के सर्वाधिक पूजित धामों में से एक — गढ़वाल हिमालय में 3,583 मीटर पर स्थित, बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च, जो वर्ष में केवल आधे समय ही खुलता है।
कामाख्या
गुवाहाटी, असम
ब्रह्मपुत्र के ऊपर नीलाचल पर्वत पर स्थित महान तांत्रिक पीठ — जहाँ देवी की पूजा योनि के रूप में होती है और माना जाता है कि वे प्रतिवर्ष रजस्वला होती हैं।
जगन्नाथ पुरी
पुरी, ओडिशा
पुरी के भगवान जगन्नाथ — चार धाम का पूर्वी धाम, संसार की सबसे भव्य रथयात्रा के लिए विख्यात।
महागणपति, रांजणगाव
रांजणगाँव, पुणे, महाराष्ट्र
आठों में सर्वाधिक बलशाली — रांजणगाँव तीर्थ, जहाँ स्वयं शिव ने त्रिपुरासुर दैत्य का सामना करने से पूर्व गणेश का आवाहन किया।
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