ज्योतिर्लिंग
प्रकाश के बारह स्वयं-प्रकाशित लिंग, जहाँ शिव अनंत रूप में पूजे जाते हैं।
12 मंदिरज्योतिर्लिंग — शब्दशः 'प्रकाश के लिंग' (ज्योति अर्थात् प्रकाश; लिंग अर्थात् चिह्न) — भगवान शिव के बारह परम पवित्र धाम हैं, जो अरब सागर तट पर सोमनाथ से लेकर सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम तक समस्त भारत में विस्तृत हैं। माना जाता है कि प्रत्येक वह स्थान है जहाँ शिव आदि और अंत से रहित एक अग्नि-स्तंभ के रूप में प्रकट हुए — उनकी असीम प्रकृति का प्रतीक।
इनकी कथा शिव पुराण में वर्णित है: जब ब्रह्मा और विष्णु में श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ, तब शिव उनके बीच एक अनंत अग्नि-स्तंभ के रूप में प्रकट हुए और दोनों को उसका छोर खोजने की चुनौती दी। कोई भी न पा सका — और इस प्रकार प्रकाश का लिंग निराकार परब्रह्म का प्रतीक बन गया। भक्त द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पाठ करते हैं, जो एक ही श्लोक में बारहों का स्मरण कराता है।
बारहों के दर्शन पूर्ण करना किसी शैव तीर्थयात्री की सर्वोच्च अभिलाषाओं में से एक है। मिलकर ये आठ राज्यों में फैली भारत की एक पवित्र भूगोल रचते हैं — प्रत्येक धाम अपनी कथा, अनुष्ठान और स्थापत्य-वैभव समेटे हुए।
तीर्थ यात्रा क्रम
बारहों का पारंपरिक स्मरण इस क्रम में होता है: सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर।
ज्योतिर्लिंग मंदिर
मानचित्र पर सभी देखें →सोमनाथ
प्रभास पाटन, वेरावल, गुजरात
बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, अरब सागर के तट पर विराजमान — आक्रांताओं के अदम्य और अनगिनत प्रयत्नों के बाद भी कभी न मिटने वाला, आस्था का अटूट प्रतीक।
मल्लिकार्जुन
श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश
नल्लामला की पहाड़ियों पर बसा 'दक्षिण का कैलाश' — एक विरल स्थान जो एक साथ ज्योतिर्लिंग भी है और शक्तिपीठ भी।
महाकालेश्वर
उज्जैन, मध्य प्रदेश
उज्जैन के दक्षिणमुखी, स्वयंभू काल के स्वामी — एकमात्र ज्योतिर्लिंग जिसे हर भोर प्रसिद्ध भस्म आरती से जगाया जाता है।
ओंकारेश्वर
खंडवा, मध्य प्रदेश
नर्मदा के बीच पवित्र ॐ अक्षर के आकार का एक द्वीप, जो ओंकार ज्योतिर्लिंग को अपने में धारण किए हुए है।
केदारनाथ
केदारनाथ, उत्तराखंड
शिव के सर्वाधिक पूजित धामों में से एक — गढ़वाल हिमालय में 3,583 मीटर पर स्थित, बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च, जो वर्ष में केवल आधे समय ही खुलता है।

भीमाशंकर
पुणे ज़िला, महाराष्ट्र
सह्याद्रि के वनों में बसा एक ज्योतिर्लिंग — भीमा नदी का उद्गम और दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (शेकरू) का घर।

काशी विश्वनाथ
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी में गंगा के तट पर स्वर्ण-शिखर वाले काशी के स्वामी — समस्त शिव-मंदिरों में सर्वाधिक पूजनीय में से एक।
त्र्यंबकेश्वर
नासिक, महाराष्ट्र
नासिक के निकट ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी में, गोदावरी के उद्गम पर विराजमान त्रिमुखी लिंग।
वैद्यनाथ
देवघर, झारखंड
देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम — 'दिव्य वैद्य', जहाँ श्रावण मास भर कांवड़ियों की भीड़ उमड़ती है।
नागेश्वर
द्वारका, गुजरात
द्वारका के निकट दारुकावन के नागेश्वर — समस्त विष से रक्षक, एक विशाल शिव प्रतिमा से चिह्नित।
रामनाथस्वामी (रामेश्वरम्)
रामेश्वरम्, तमिलनाडु
जहाँ राम ने लंका पार करने से पूर्व शिव की आराधना की — एक ज्योतिर्लिंग और चार धाम, भारत के सबसे लंबे मंदिर-गलियारे के साथ।
घृष्णेश्वर
एलोरा, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
बारहवाँ और अंतिम ज्योतिर्लिंग, एलोरा की गुफाओं के निकट — अहिल्याबाई होल्कर द्वारा पुनर्जीवित एक लाल पत्थर का मंदिर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज्योतिर्लिंग क्या है?+
ज्योतिर्लिंग वह धाम है जहाँ शिव 'प्रकाश के लिंग' के रूप में पूजे जाते हैं — एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट) रूप, जो उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ वे अनंत अग्नि-स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। भारत भर में बारह प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं।
ज्योतिर्लिंग कितने हैं?+
बारह प्रमुख ज्योतिर्लिंग मान्य हैं, जिनका एक साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में स्मरण होता है — गुजरात के सोमनाथ से लेकर महाराष्ट्र के घृष्णेश्वर तक।
पहला ज्योतिर्लिंग कौन सा है?+
गुजरात स्थित सोमनाथ को पारंपरिक रूप से बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है।
ज्योतिर्लिंग किन राज्यों में स्थित हैं?+
ये गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र (जहाँ तीन हैं), उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विस्तृत हैं।
